बिलासपुर : पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले तीन सदस्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.56 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, 4500 रुपए कैश और एक बाइक जब्त की है। गिरोह अलग-अलग बाइकों का इस्तेमाल कर चार स्थानों पर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। गिरफ्तार आरोपियों में पोड़ी, सकरी निवासी रामप्रसाद यादव (65), तखतपुर के ढनढन निवासी जितेंद्र यादव (38) और तखतपुर के सोनी मोहल्ला निवासी कन्हैया सोनी (45) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को अधिक फायदे का लालच देकर जेवरात बैंक में अमानत के रूप में जमा कराने के लिए प्रेरित करते थे।
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टीआई सुम्मत साहू ने बताया कि ठग गिरोह 60 साल से अधिक उम्र के कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी पीएम आवास या इंदिरा आवास योजना के तहत बड़ी राशि मिलने का झांसा देते थे। इसके बाद पीड़ितों को बैंक या तहसील कार्यालय ले जाकर बाहर खड़ा कर खुद अंदर जाने का नाटक करते थे। कुछ देर बाद लौटकर आरोपी पीड़ितों को बताते थे कि उन्हें ढाई लाख रुपए या उससे अधिक की राशि मिलेगी। लेकिन इसके लिए जमानत के तौर पर गहने जमा करने होंगे। इसी बहाने वे पीड़ितों से सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से बाइक (CG-10-BY-9201), 4500 रुपए नकद और 2.56 लाख रुपए मूल्य के जेवरात बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि ये जेवरात गनियारी निवासी कन्हैया सोनी के पास गिरवी रखे गए थे। पीएम आवास योजना के नाम पर ठगी की लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सिविल लाइन थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जांच में हर घटना में दो लोग एक ही बाइक से आते-जाते नजर आए।
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सीसीटीवी फुटेज और पीड़ितों के बताए हुलिए के आधार पर रामप्रसाद यादव और जितेंद्र यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जानकी भट्ट, उषा साहू, अगमदास टंडन और शांति बाई यादव से पीएम आवास योजना के नाम पर ठगी करना स्वीकार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की ठगी करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

