छत्तीसगढ़ में बढ़ते वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वन विभाग ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में वनकर्मियों को कानूनी प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि वे अवैध कटाई, तस्करी और अन्य वन अपराधों के मामलों में कानून के तहत मजबूत कार्रवाई कर सकें। प्रशिक्षण का उद्देश्य वन संरक्षण के साथ-साथ अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसना है।
प्रशिक्षण सत्रों में वन अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण कानून, साक्ष्य संकलन और न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़ी अहम जानकारियां दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में कानूनी जानकारी की कमी के कारण कार्रवाई कमजोर पड़ जाती थी, जिसे दूर करने के लिए यह पहल की गई है। इससे वनकर्मी मौके पर ही सही कानूनी प्रक्रिया अपनाकर प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे।
read also: हॉस्पिटल के टॉयलेट में नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, जांच शुरू
वन विभाग का कहना है कि इस प्रशिक्षण से वन अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया मजबूत होगी। आने वाले समय में राज्य के सभी वन मंडलों में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि छत्तीसगढ़ के वन संसाधनों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

