हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति 2026 से ही नए शुभ कार्यों का शुभारंभ माना जाता है। इस दिन सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे उत्तरायण भी कहा जाता है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस समय से सभी धार्मिक और सामाजिक कार्य, जैसे विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य करने के लिए शुभ माने जाते हैं।
साथ ही, मकर संक्रांति पर खरमास का अंत भी माना जाता है। हिंदू धर्म में खरमास को अशुभ अवधि कहा जाता है, जो लगभग दो महीने तक चलती है। इस दौरान नए काम, निवेश या शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश के साथ ही यह अवधि समाप्त होती है और इसे शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन तिल और गुड़ का सेवन, दान-पुण्य और सूर्य देव की पूजा विशेष लाभकारी मानी जाती है। लोग इस अवसर पर पंपक और पतंगबाजी का आनंद भी लेते हैं और सामाजिक मेल-जोल बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मकर संक्रांति से शुरू होने वाले शुभ कार्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने का संकेत हैं।

