छत्तीसगढ़ कांग्रेस की एक अहम मैराथन बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी राजनीतिक और जनआंदोलनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस जनवरी और फरवरी महीने में राज्यभर में “मनरेगा बचाओ संग्राम” छेड़ेगी। इस अभियान के जरिए मनरेगा में कथित कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी और रोजगार के अवसर कम होने जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया जाएगा।
बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार करते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है और इसमें किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंदोलन के तहत गांव-गांव में सभाएं, धरना-प्रदर्शन और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि राज्य सरकार की नीतियों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार संकट गहराया है। पार्टी ने ऐलान किया कि “मनरेगा बचाओ संग्राम” के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

