छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के राइस मिलर्स को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने राइस मिल उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिलर्स को एक साल तक टैक्स फ्री रखने की घोषणा की है। इस फैसले से प्रदेश में धान प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और निवेश का माहौल बेहतर होगा।
सरकार के अनुसार, टैक्स फ्री राहत से राइस मिलर्स पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम होगा, जिससे वे सुचारु रूप से काम कर सकेंगे। साथ ही इससे धान खरीदी और चावल आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह निर्णय किसानों, मिलर्स और उपभोक्ताओं—तीनों के हित में है और इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उद्योग जगत ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है। राइस मिलर्स का कहना है कि टैक्स में राहत मिलने से उनकी कार्यशील पूंजी बढ़ेगी और उत्पादन क्षमता में इजाफा होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला एक वर्ष के लिए लागू रहेगा और इसके सकारात्मक प्रभावों की समीक्षा के बाद आगे की नीति तय की जाएगी।

