पुरी में श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) द्वारा भक्त निवासों में पार्किंग शुल्क 500 रुपये निर्धारित किए जाने के फैसले पर विवाद गहराता जा रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय संगठनों की नाराजगी के बावजूद SJTA ने इस निर्णय को वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि बढ़ती भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था।
SJTA अधिकारियों के अनुसार, पार्किंग व्यवस्था के बेहतर संचालन, सुरक्षा और रखरखाव पर होने वाले खर्च को ध्यान में रखते हुए शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। प्रशासन का दावा है कि इससे अव्यवस्थित पार्किंग पर रोक लगेगी और भक्त निवास परिसरों में यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही, पार्किंग प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
हालांकि, श्रद्धालुओं का कहना है कि 500 रुपये का शुल्क आम भक्तों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है, खासकर उन लोगों पर जो सीमित बजट में यात्रा करते हैं। इसके बावजूद SJTA ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल फैसले में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है, लेकिन अभी शुल्क यथावत रहेगा।

