छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बागबाहरा स्थित धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। जांच के दौरान धान भंडारण में 3.65 प्रतिशत शॉर्टेज पाया गया, जिसकी कीमत करीब 5.71 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि निर्धारित मात्रा की तुलना में धान की भारी कमी पाई गई, जिससे बड़े स्तर पर गबन की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, धान खरीदी और भंडारण से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
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प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसियों को जांच के आदेश दिए हैं। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वहीं, इस घोटाले ने एक बार फिर धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

