प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’ एक बार फिर चर्चा में है। जर्मनी के चांसलर के साथ पीएम मोदी को एक ही कार में यात्रा करते देखा गया, जिसने कूटनीतिक हलकों में खास संदेश दिया। इससे पहले पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी इसी तरह एक ही कार में नजर आ चुके हैं। इसे भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते रणनीतिक और भरोसेमंद संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
कूटनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस तरह की अनौपचारिक मुलाकातें और साझा यात्रा आपसी विश्वास, सहज संवाद और सहयोग को दर्शाती हैं। भारत-जर्मनी संबंध पहले से ही व्यापार, रक्षा, हरित ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी और जर्मन चांसलर की यह साझा कार यात्रा भी दोनों देशों के बीच बढ़ती निकटता और साझेदारी को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

