कोरबा-बांकीमोगरा : इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद के बाद भुगतान के लिए दिया गया चेक बाउंस होने के मामले में न्यायालय ने ठेकेदार को दोषी करार देते हुए ढाई लाख रुपये प्रतिकार राशि अदा करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद दिवंगत व्यवसायी के परिजनों ने न्यायालय का आभार जताया है। न्यायालयीन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बांकीमोगरा क्षेत्र की प्रतिष्ठित विजय इलेक्ट्रॉनिक दुकान के संचालक स्वर्गीय विजय साहू से वर्ष 2016 में गौरी साहू गौरी, जो कि एक बिजली ठेकेदार है, ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में वायरिंग सामान, स्विच बोर्ड, पंखा एवं लाइट लगाने के नाम पर लगभग 2 लाख रुपये का इलेक्ट्रॉनिक सामान उधार में लिया था। उक्त राशि के भुगतान के लिए आरोपी ने अपनी फर्म के नाम से चेक प्रदान किया था।
जब विजय इलेक्ट्रॉनिक के संचालक द्वारा भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक में चेक प्रस्तुत किया गया, तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद विजय साहू द्वारा आरोपी के विरुद्ध कटघोरा न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। मामले के विचारण के दौरान विजय साहू का निधन हो गया, जिसके पश्चात उनके पुत्र योगेश साहू ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रकरण को आगे बढ़ाया। विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कटघोरा ने आरोपी गौरी साहू को दोषी पाते हुए चेक की मूल राशि 2 लाख रुपये तथा अतिरिक्त 50 हजार रुपये, कुल 2 लाख 50 हजार रुपये प्रतिकार राशि अदा करने का आदेश दिया था। इस आदेश से असंतुष्ट होकर आरोपी ने अपर सत्र न्यायाधीश एच.के. रात्रे, कटघोरा के न्यायालय में अपील प्रस्तुत की।
अपीलीय न्यायालय ने 12 जनवरी 2026 को अपील का निराकरण करते हुए विचारण न्यायालय के आदेश को सही ठहराया और आरोपी को निर्देश दिया कि वह 2 लाख 50 हजार रुपये की राशि तत्काल परिवादी पक्ष को प्रदान करे, अन्यथा उसे जेल जाना होगा। इसके पश्चात आरोपी द्वारा पूरी राशि परिवादी पक्ष को जमा कर दी गई। लंबे समय बाद आए इस न्यायिक निर्णय से स्वर्गीय विजय साहू के परिजनों को न्याय मिला है। परिजनों ने कहा कि देर से ही सही, लेकिन न्यायालय के इस फैसले से उन्हें संतोष मिला है और उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया है।

