छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि लोग जीवन में पांच महत्वपूर्ण बातों पर फोकस करें तो उनकी सोच और जिंदगी दोनों बदल सकती हैं। उन्होंने अनुशासन, सकारात्मक दृष्टिकोण, सतत परिश्रम, समाज के प्रति जिम्मेदारी और आत्मचिंतन को जीवन की प्रगति के लिए जरूरी बताया। भागवत ने कहा कि व्यक्ति का आचरण ही समाज और राष्ट्र की दिशा तय करता है।
अपने संबोधन में उन्होंने खरगोश की कहानी के माध्यम से महत्वपूर्ण सीख दी। कहानी के जरिए उन्होंने समझाया कि केवल तेज होना ही काफी नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास, सतर्कता और सही दिशा में मेहनत ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग शुरुआत में तेजी दिखाते हैं, लेकिन धैर्य और निरंतरता के अभाव में लक्ष्य से भटक जाते हैं।
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मोहन भागवत ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मविश्वास के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और समाज के हित को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं में बदलाव लाता है, तभी परिवार, समाज और देश में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। उनका यह संदेश श्रोताओं के बीच खासा प्रेरणादायक साबित हुआ।

