छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग ने फर्जी नियुक्तियों के मामले में कड़ा कदम उठाया है। विभागीय जांच के बाद यह पाया गया कि कुछ कर्मचारियों ने गलत दस्तावेज़ और पहचान के जरिए शिक्षा विभाग में नौकरी प्राप्त की थी। इस खुलासे के बाद चार कर्मचारियों को तुरंत सेवा से बाहर कर दिया गया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई नियमों और शासन की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मिसाल कायम करने के लिए की गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी तरह की धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज़ के मामले को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले से शिक्षकों और कर्मचारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां पारदर्शिता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने में मदद करती हैं। विभाग ने सभी स्कूल और कार्यालयों को हिदायत दी है कि नियुक्तियों और कर्मचारियों के रिकॉर्ड की नियमित समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।

