क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर पर सरकार की सख्ती तेज हो गई है। वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) के रडार पर 49 क्रिप्टो एक्सचेंज आ गए हैं, जिन पर मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य ‘गंभीर’ वित्तीय अपराधों से जुड़े मामलों में नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। जांच के बाद FIU ने इन एक्सचेंजों पर कुल ₹28 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
FIU के अनुसार, जांच में केवाईसी (KYC) नियमों की अनदेखी, संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्टिंग में लापरवाही और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के उल्लंघन जैसे गंभीर तथ्य सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई प्लेटफॉर्म्स ने तय मानकों का पालन नहीं किया, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का खतरा बना।
सरकार और नियामक एजेंसियों का स्पष्ट संदेश है कि क्रिप्टो कारोबार में पारदर्शिता और कानून का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से क्रिप्टो सेक्टर में अनुशासन बढ़ेगा और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। आने वाले समय में FIU की निगरानी और सख्त होने की संभावना जताई जा रही है।

