नई दिल्ली: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक और सख्त कदम उठाया है। इस कड़ी में सोमवार से राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। अब प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्हें बिना किसी नोटिस के सील किया जाएगा।
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इन कंपनियों पर होगी कार्रवाई
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को कहा कि नियम तोड़ने वाली फैक्ट्रियों पर सख्ती तेज कर दी गई है। इसी क्रम में 31 दिसंबर तक OECM सर्टिफिकेशन (डीपीसीसी का ऑनलाइन निगरानी सिस्टम) के लिए आवेदन न करने वाली इंडस्ट्री पर भी सख्त कार्रवाई होगी। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि बीते चार दिनों से लागू GRAP-4 के प्रावधानों के सकारात्मक असर दिख रहे हैं।
प्रदूषण में हो रहा सुधार
“नो PUC, नो फ्यूल” नियम लागू होने के बाद अब तक 2 लाख से ज्यादा गाड़ियों की पीयूसी जांच हुई है और सर्टिफिकेट्स दिए गए हैं। 10,000 गाड़ियां मानकों पर खरी नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि सभी पीयूसी केंद्रों को आधुनिक और उन्नत मशीनों से अपग्रेड किया जा रहा है। पीयूसी व्यवस्था को और भरोसेमंद बनाने के लिए थर्ड-पार्टी जांच प्रणाली लागू की जा रही है।
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ऐसे सभी उद्योग होंगे बंद
एमसीडी और डीपीसीसी मिलकर शहर में चल रहे अवैध और अनधिकृत औद्योगिक यूनिट्स की पहचान कर रहे हैं। ऐसे सभी उद्योग बंद किए जाएंगे। इसके साथ ही धूल नियंत्रण के लिए सड़कों पर दिन रात सफाई और पानी का छिड़काव जारी है। लैंडफिल साइट्स पर रोजाना करीब 35,000 मीट्रिक टन कचरे की वैज्ञानिक तरीके से बायो-माइनिंग की जा रही है।

