इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब लग्जरी कार खरीदारों के बीच ईवी को लेकर मोहभंग की खबरें सामने आ रही हैं। कई खरीदार अब पारंपरिक पेट्रोल और डीजल इंजन वाली कारों की ओर लौट रहे हैं, जिसका मुख्य कारण चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, लंबी दूरी की चिंता और कीमत में अंतर बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लग्जरी कार सेगमेंट में अभी भी ग्राहकों के लिए परफॉर्मेंस, आराम और सुविधा महत्वपूर्ण हैं, और पारंपरिक इंजन वाले वाहन यह संतुलन बेहतर तरीके से दे रहे हैं।
ऑटोमोबाइल उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में पारंपरिक इंजन वाली लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी आई है। जबकि ईवी की बिक्री स्थिर है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी नहीं हो रही। खरीदारों का मानना है कि ईवी में चार्जिंग नेटवर्क की कमी और लंबी दूरी की यात्रा में असुविधा प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि ऑटो कंपनियों को ईवी के मामले में ग्राहक अनुभव और चार्जिंग सुविधा पर अधिक ध्यान देना होगा। वहीं, पारंपरिक इंजन वाले वाहनों की मांग में वृद्धि से यह संकेत मिलता है कि बाजार में दोनों विकल्पों के लिए जगह बनी हुई है। उद्योग का कहना है कि अगर ईवी को मुख्यधारा में लाना है, तो इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्राहक जागरूकता को बढ़ाना जरूरी है।

