इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (IFJ) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 पत्रकारों के लिए अब तक का सबसे खतरनाक वर्ष साबित हुआ है। इस दौरान दुनिया भर में 128 पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की जान चली गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहे पत्रकार सबसे ज्यादा निशाने पर रहे, जहां सच्चाई सामने लाने की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
IFJ के मुताबिक पश्चिम एशिया इस मामले में सबसे भयावह क्षेत्र रहा, खासकर गाजा पट्टी में हालात अत्यंत गंभीर बने रहे। गाजा में रिपोर्टिंग के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार हिंसा, बमबारी और सैन्य कार्रवाइयों का शिकार हुए। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि पत्रकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और प्रेस की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

