उम्र को महज एक संख्या साबित करते हुए 53 वर्षीय खिलाड़ी ने साइकिल रेसिंग में गोल्ड मेडल जीतकर सबको प्रेरित कर दिया है। करीब 25 साल बाद खेल में दमदार वापसी करने वाले इस खिलाड़ी ने यह साबित कर दिया कि अगर जज्बा मजबूत हो तो किसी भी उम्र में सफलता हासिल की जा सकती है। लंबे समय तक खेल से दूर रहने के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
खास बात यह है कि उनकी इस सफलता के पीछे परिवार का पूरा समर्थन रहा। उनकी पत्नी एक आईटी ऑफिसर हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। खिलाड़ी का कहना है कि पत्नी और परिवार के सहयोग के बिना यह वापसी संभव नहीं थी। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ खेल प्रेमियों बल्कि युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आई है।

