भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी विश्वास निर्माण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए दोनों देशों ने एक-दूसरे के परमाणु ठिकानों की सूची का आदान-प्रदान किया। यह प्रक्रिया द्विपक्षीय समझौते के तहत तय समय पर पूरी की गई, जिसके अनुसार दोनों देश हर वर्ष एक-दूसरे को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की जानकारी साझा करते हैं। इस कदम का उद्देश्य परमाणु सुरक्षा और पारदर्शिता को बनाए रखना है।
इसके साथ ही भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची भी साझा की। भारत ने पाकिस्तान से आग्रह किया कि भारतीय नागरिकों और मछुआरों को जल्द रिहा किया जाए, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है। वहीं पाकिस्तान ने भी अपनी सूची भारत को सौंपते हुए मानवीय आधार पर कैदियों के मुद्दे पर सहयोग की बात कही।
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कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस तरह का आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच सीमित लेकिन जरूरी संवाद को बनाए रखने में सहायक माना जाता है। तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद परमाणु ठिकानों और कैदियों की सूची साझा करना क्षेत्रीय स्थिरता और मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

