लोकपाल संस्था ने उठे विवादों के बीच सात बीएमडब्ल्यू (BMW) लग्जरी कारों की खरीद से जुड़े टेंडर को रद्द कर दिया है। यह फैसला तब लिया गया, जब सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर लग्जरी गाड़ियों की जरूरत और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर सवाल उठने लगे थे। टेंडर रद्द करने के निर्णय को लोकपाल की ओर से पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, लोकपाल कार्यालय के लिए प्रस्तावित बीएमडब्ल्यू कारों की खरीद को लेकर यह तर्क दिया जा रहा था कि एक भ्रष्टाचार विरोधी संस्था के लिए महंगी लग्जरी गाड़ियों की आवश्यकता कितनी उचित है। विवाद बढ़ने के बाद मामले की आंतरिक समीक्षा की गई, जिसके बाद टेंडर को निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
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लोकपाल की ओर से स्पष्ट किया गया है कि संस्था सार्वजनिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति प्रतिबद्ध है और भविष्य में वाहनों की आवश्यकता होने पर किफायती व व्यावहारिक विकल्पों पर विचार किया जाएगा। इस फैसले के बाद लोकपाल को लेकर चल रही आलोचनाओं पर काफी हद तक विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

