ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते (Ching Te) ने चीन की विस्तारवादी नीतियों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए देश की संप्रभुता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया है। नए साल के मौके पर दिए गए अपने संबोधन में राष्ट्रपति चिंग ने कहा कि ताइवान किसी भी तरह के दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा और अपनी स्वतंत्र पहचान की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहेगा।
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राष्ट्रपति चिंग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी ताइवान का समर्थन करने की अपील की और कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक देशों का एकजुट होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ताइवान शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। राष्ट्रपति के इस बयान को चीन-ताइवान संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।

