जांजगीर-चांपा : जांजगीर-चांपा जिले के राहौद में आबादी जमीन के नाम पर अवैध वसूली और घर में आगजनी के मामले में शिवरीनारायण पुलिस ने पार्षद नरसिंग गोड सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक महिला से 2 से 2.5 लाख रुपए की वसूली का प्रयास किया था। इसके बाद उन्होंने महिला के झोपड़ीनुमा मकान में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। पीड़िता शीतला बाई ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में अरुण कुमार के माध्यम से दया शंकर गोड से 17 अप्रैल को आबादी जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर उन्होंने एक झोपड़ीनुमा मकान बनाकर रहना शुरू किया था।
रायपुर–धमतरी मार्ग पर नए साल की खुशियाँ मातम में बदलीं, बाइक हादसे में एक युवक की मौत; दूसरा घायल
इसी दौरान पार्षद नरसिंग गोड अपने साथी बनक राम गोड और भगत गोड के साथ मिलकर इस भूमि को आबादी भूमि बताते हुए मकान बनाने के नाम पर 2 से 2.5 लाख रुपए की अवैध वसूली की मांग करने लगे।जब शीतला बाई ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो तीनों आरोपियों ने मिलकर उनके मकान पर हमला कर दिया। उन्होंने सब्बल से दीवार और टीन शेड को तोड़ा। इसके बाद घर के अंदर रखे कपड़े, कुर्सी, राशन, बर्तन और अन्य सामानों को बाहर निकाला और मकान में आग लगा दी। इस घटना में मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जिससे करीब 2 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
छत्तीसगढ़ में शराब प्रेमियों के लिए बड़ी राहत, मदिरा पर वैट खत्म, 1 अप्रैल 2026 से लागू
आरोपियों ने महिला शीतला बाई को जान से मारने की धमकी भी दी थी। महिला ने भागकर अपनी जान बचाई। मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शिवरीनारायण पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपी पार्षद नरसिंग गोड, बनक राम गोड और भगत गोड को हिरासत में लिया।

