कोरबा : जिले के कोरबा वनमंडल अंतर्गत कुदमुरा एवं करतला परिक्षेत्र में तीन दंतैल हाथी विचरण कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को खतरा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार एक दंतैल हाथी कुदमुरा रेंज के कलमीटिकरा क्षेत्र में पड़ोसी धरमजयगढ़ वनमंडल से पहुंचा है। दंतैल हाथी यहां आने के बाद जंगल में विचरण कर रहा है। तत्कालिक तौर पर इस हाथी द्वारा कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया गया है लेकिन हाथी के अकेले होने के कारण उत्पात मचाए जाने की संभावना को देखते हुए वन विभाग सतर्क है और उसकी निगरानी करने के साथ आसपास के गांवों में मुनादी कराने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। उधर करतला रेंज में भी दो दर्जन हाथियों के होने की पुष्टि हुई है।
समझाईश के बाद जटगा रेंज में कूप कटाई का कार्य पुनः शुरू, डीएफओ ने दी स्थिति की जानकारी
दोनों हाथियों को रेंज के नोनबिर्रा सर्किल के चिकनीपाली बीट के तिलईडबरा में बीती रात एक साथ घूमते हुए देखा गया। इससे पहले दोनों दंतैल अलग-अलग स्थानों पर घूम रहे थे, जिसमें से एक दंतैल हाथी काफी आक्रामक है। इसके द्वारा जिले में तीन लोगों को एक के बाद एक मौत के घाट उतार दिया गया था। जिसके कारण दंतैल हाथी जिस क्षेत्र में पहुंचता है, वहां के लोग दहशत में रहते हैं। इस दंतैल हाथी ने चिकनीपाली क्षेत्र में स्थित पहाड़ को विगत एक सप्ताह से अपना बसेरा बनाया है।
रिश्वत का चौंकाने वाला मामला: 10 हजार और एक बकरे के बदले नाबालिग के अपहर्ता को छोड़ दिया
दंतैल हाथी अधिकांश समय पहाड़ पर ही विचरण करते रहता है लेकिन बीच-बीच में पानी की तलाश में पहाड़ से नीचे उतरकर तिलईडबरा गांव के पास पहुंच जाता है। बीती रात यह दंतैल एक अन्य दंतैल के साथ इसी क्षेत्र में दिखाई दिया। इसके बाद वन विभाग सतर्कता बरतते हुए दंतैल हाथियों की निगरानी में जुट गया है। वहीं कटघोरा वनमंडल के जटगा एवं केंदई रेंज में 51 हाथी सक्रिय है। जिनकी निगरानी वन विभाग द्वारा लगातार की जा रही है। इस कार्य में ड्रोन कैमरे के अलावा मैदानी अमले की मदद ली जा रही है, जो हाथियों की हर गतिविधियों की जानकारी अधिकारियों को लगातार दे रहे हैं। हाथियों के बस्ती के निकट पहुंचने की सूचना मिलते ही वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचता है और हाथियों को खदेडऩे के साथ वापस जंगल में जाने को विवश कर देता है।

