अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव और संभावित संघर्ष को लेकर ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GTRI) ने भारत के व्यापार पर संभावित प्रभाव का विश्लेषण पेश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वेनेजुएला दुनिया के बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल है, और अगर वहां अमेरिकी दबाव बढ़ता है तो तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा असर भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है, जिससे तेल खरीद और व्यापार लागत में बदलाव देखने को मिल सकता है।
GTRI के विश्लेषण के अनुसार, भारत के लिए यह स्थिति चुनौती के साथ अवसर भी पेश कर सकती है। अगर वेनेजुएला की तेल आपूर्ति पर नियंत्रण अमेरिकी हाथों में आता है, तो भारत को अन्य आपूर्तिकर्ताओं के साथ नए समझौते करने और ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण करने का मौका मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति भारत के रणनीतिक तेल भंडार और आर्थिक योजना पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
read also: CG News: सीएम साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, ‘बस्तर पंडुम’ में शिरकत का न्यौता दिया
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक भू-राजनीति में बदलाव, खासकर रूस और मध्य-पूर्व से जुड़े तनाव, भारत के निर्यात और आयात दोनों पर असर डाल सकते हैं। GTRI ने सुझाव दिया है कि भारत को इस अस्थिर स्थिति के मद्देनजर व्यापार नीति और ऊर्जा सुरक्षा की रणनीतियों को अपडेट करना चाहिए, ताकि वैश्विक बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव से अधिक नुकसान से बचा जा सके।

