ईरान में हाल के दिनों में देशव्यापी प्रदर्शन भड़कने की मुख्य वजह बढ़ती महंगाई और आर्थिक बदहाली मानी जा रही है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, ईंधन और खाद्य पदार्थों पर बढ़ता खर्च तथा बेरोजगारी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी आर्थिक दबाव के खिलाफ शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे सड़कों पर उतर आया और कई शहरों में प्रदर्शन तेज हो गए।
आर्थिक मुद्दों से शुरू हुआ यह आंदोलन समय के साथ सरकार विरोधी नारों और व्यापक असंतोष में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ महंगाई, बल्कि भ्रष्टाचार, आर्थिक नीतियों और शासन व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। कई जगहों पर हालात तनावपूर्ण हो गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई और इंटरनेट व संचार सेवाओं पर भी नियंत्रण की खबरें सामने आईं।
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अब तक की स्थिति में सरकार ने हालात पर काबू पाने के लिए सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं, वहीं प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक महंगाई और आर्थिक संकट पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक असंतोष पूरी तरह शांत होना मुश्किल है।

