कोरबा : पिकनिक सीजन और नए साल के अवसर पर सतरेंगा में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। पर्यटकों की भीड़ के साथ ही क्षेत्र में अवैध महुआ शराब की उपलब्धता भी सामने आ रही है। जबकि सतरेंगा में पर्यटन की शुरुआत के बाद शराबखोरी से उत्पन्न अशांति को देखते हुए ग्रामीणों ने पहले ही नशाबंदी लागू कर रखी है। इसके बावजूद कुछ लोग गांव के आसपास जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में छिपकर महुआ शराब का निर्माण और बिक्री कर रहे थे।
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इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सतरेंगा की महिला समिति ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बुधवार को महिला समिति की महिलाएं गांव के प्रमुखजनों के साथ आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचीं। हाथों में डंडे लिए महिलाओं को देखकर महुआ शराब बनाने में जुटे लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद महिला समिति ने जंगल में छिपाकर रखी गई भट्टियों और तैयार की जा रही महुआ शराब को खोज-खोजकर नष्ट किया। महिलाओं ने भट्टी में चढ़ी महुआ शराब को भी मौके पर ही नष्ट कर दिया।
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महिला समिति का कहना है कि सतरेंगा एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनता जा रहा है और यहां शराबखोरी के कारण किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि नशाबंदी का सख्ती से पालन कराया जाएगा और अवैध शराब के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। इस कार्रवाई के बाद गांव में शांति व्यवस्था को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।

